
विधानसभा में विधायक शैलेंद्र जैन ने बजट पर चर्चा के दौरान सागर से जुड़े हुए विषयों को सदन में उठाया।
सागर विधायक शैलेन्द्र जैन ने मध्यप्रदेश विधानसभा में विनियोग बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि,
किसी भी परिवार की जो मूलभूत आवश्यकताएं होती हैं, वह तीन होती है रोटी, कपड़ा की आवश्यकताओं के पश्चात, मकान की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हमारी सरकार ने और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक अभिनव और अद्वितीय योजना बनाई, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विगत वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के अंदर लगभग 9 लाख आवास बनाने की अनुमानित हमने मांग की थी इसमें से लगभग 7 लाख 67 हजार मकान बनाने का काम पूर्ण हो गया है। शेष 1 लाख 85 हजार मकान, जिसमें बीएलसी और एएचपी दोनों घटक शामिल है,
सागर विधानसभा के अंदर प्रधानमंत्री आवास की कुछ योजनाएं पूर्व में शुरू हुई थी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लेकिन वह योजनाएं पूर्ण नहीं हो पाई है। कुछ आर्थिक कठिनाईयों के चलते वे अभी अपूर्ण अवस्था में है, उनके जो हितग्राही हैं वह निश्चित रूप से अपने लाभ से वंचित है। मैं वित्त मंत्री जी से आग्रह करना चाहता हूं कि जो प्रधानमंत्री आवास की हमारी अपूर्ण योजनाएं हैं, ऐसी स्थितियां अन्य शहर में भी हो सकती है, जो किसी आर्थिक पक्ष के कारण पूर्ण नहीं हो पाई है उन्हें पूरा किया जाए,
दीनदयाल रसोई योजना एक गरीब मजदूर, एक गरीब परिवार को जो गांव से चलकर शहर की ओर रोजगार की तलाश में आता है, ऐसे मजदूर परिवार को यह दीनदयाल रसोई योजना निश्चित रूप से एक ऐसा संबल देने का काम कर रही है, जिसके माध्यम से वह दो जून की रोटी को एक बहुत ही अर्फाेडेबल प्राइज में प्राप्त करता था, अभी तक वह राशि दस रूपये होती थी, उसको भी सरकार ने घटाकर पांच रूपये थाली करने का निर्णय किया है,
जिस तरह से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, नये मेडीकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और इस वर्ष में मंदसौर, नीमच, सिवनी के तीन मेडीकल कॉलेज और शुरू होने की कगार पर हैं, लेकिन एक पीड़ा आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि सागर का मेडीकल कॉलेज लगभग दस वर्ष पहले बनकर तैयार हो चुका था और सागर में मेडीकल कॉलेज में सौ सीटों से बढ़कर उसकी 250 सीटें करने का केंद्र सरकार ने निर्णय भी कर लिया है, ऐसे समय में हमारे समूचे बुंदेलखण्ड का वह एकमात्र मेडीकल कॉलेज है। उस मेडीकल कॉलेज में अभी सुपर स्पेसिलिटी सुविधाएं हमें प्राप्त नहीं हो रही हैं। आज भी गंभीर बीमारियों के लिये समूचे बुंदेलखण्डवासियों को या तो भोपाल, या इंदौर, या जबलपुर, या नागपुर जाना पड़ता है इस और भी सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय अनेक लोगों ने अपने रोजगार खो दिये थे, स्ट्रीट वेंडर योजना के द्वारा ऐसे समय में उनको पुनः रोजगार से जोड़कर अपनी अजीविका से जोड़ने का काम सम्मानीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के माध्यम से हुआ है











