
सागर में मानवता की मिसाल: स्व. अमोल रजक का देहदान, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सम्मान
सागर। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) सागर में रविवार 11 मई 2026 को मानव सेवा और समाजोपयोगी सोच की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। स्वर्गीय अमोल रजक के परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर का देहदान कर उसे मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए एनाटॉमी विभाग को समर्पित किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार पार्थिव शरीर को शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य हेतु स्वीकार किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने देहदाता के परिजनों के इस महान निर्णय को समाज के लिए प्रेरणास्पद बताया।
देहदाता स्व. अमोल रजक (68 वर्ष) निवासी पठार मोहल्ला, ग्राम पोस्ट कर्रापुर, केरबाना, सागर के परिजनों — पत्नी अशोक रानी रजक, पुत्र लखन रजक एवं भरत रजक — ने यह पुण्य कार्य करते हुए समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर, एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष ने देहदाता परिवार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय चिकित्सा शिक्षा और भविष्य के डॉक्टरों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में यह आठवां देहदान है, जिसे पूरे सम्मान के साथ “गार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया गया।
स्व. अमोल रजक के परिवार द्वारा किया गया यह देहदान न केवल चिकित्सा जगत के लिए उपयोगी साबित होगा, बल्कि समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करेगा।











