भाषा बनी दीवार, सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मशक्कत के बाद बंगाली बोलने वाले बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

भाषा बनी दीवार, सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मशक्कत के बाद बंगाली बोलने वाले बुजुर्ग को परिवार से मिलाया
सागर। जिला अस्पताल परिसर में भटक रहे बंगाली भाषा बोलने वाले बुजुर्ग को सागर पुलिस ने डायल-112, थाना गोपालगंज, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी टीम की संयुक्त सूझबूझ से करीब चार घंटे की मेहनत के बाद उनके परिजनों से मिलाया।
सूचना मिलने पर डायल-112 की एफआरवी बुजुर्ग को सुरक्षित थाना गोपालगंज लेकर पहुंची। भाषा अलग होने के कारण उनकी पहचान और पता जानने में पुलिस को कठिनाई हुई। थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने आरक्षक दशरथ मालवीय और आरक्षक आनंद सिंधु के साथ बुजुर्ग को पुलिस कंट्रोल रूम भेजा।
लगातार बातचीत के दौरान पुलिस टीम को बुजुर्ग के मुंह से “शनि मंदिर” शब्द सुनाई दिया। यह अहम सुराग साबित हुआ। सीसीटीवी टीम ने शहर के विभिन्न कैमरों के माध्यम से शनि मंदिर क्षेत्र के दृश्य बुजुर्ग को दिखाए। स्थान पहचानते ही पुलिस टीम उन्हें शनि मंदिर लेकर पहुंची, जहां से बुजुर्ग ने अपने घर का रास्ता बताना शुरू कर दिया।
पुलिस उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ी और अंततः आर्मी क्षेत्र स्थित उनके घर तक पहुंच गई। इस दौरान पता चला कि बुजुर्ग के परिजन करीब चार घंटे से उनकी तलाश कर रहे थे। पुलिस द्वारा बुजुर्ग को सकुशल घर पहुंचाए जाने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस पूरे अभियान में डायल-112, एफआरवी स्टाफ, थाना गोपालगंज पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा ने धैर्य, संवेदनशीलता, तकनीकी संसाधनों और टीमवर्क का उत्कृष्ट परिचय दिया।
सागर पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस सिर्फ अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय हर नागरिक के लिए सहारा और संवेदना का भरोसा भी है।

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