
सागर, 26 अगस्त 2026। सागर पुलिस ने नाबालिग बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी एवं अपहरण के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक सप्ताह में 22 नाबालिग बच्चों को दस्तयाब कर सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को धारा 137(2) BNS एवं 363 IPC के तहत दर्ज मामलों में नाबालिगों की शीघ्र दस्तयाबी के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए थे। जरूरत के अनुसार विशेष पुलिस टीमों का गठन कर मामलों की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने भी संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पुलिस टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रदेश के बाहर भी पहुंचीं पुलिस टीमें
सागर पुलिस की टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी स्तर पर प्राप्त जानकारी का विश्लेषण कर नाबालिगों के संभावित ठिकानों को चिन्हित किया। इसके बाद मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमें पहुंचीं और नाबालिगों को सुरक्षित दस्तयाब किया।
लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप महज एक सप्ताह में 22 नाबालिग बालक-बालिकाओं को खोज निकाला गया।
परिजनों के चेहरों पर लौटी खुशी
दस्तयाबी के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। बच्चों के वापस मिलने पर लंबे समय से परेशान परिजनों के चेहरों पर खुशी और राहत देखने को मिली।
सागर पुलिस ने कहा कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। गुमशुदगी या अपहरण से संबंधित प्रत्येक मामले में पुलिस संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करेगी।
सागर पुलिस की अपील: यदि कोई बालक या बालिका गुम होता है, तो परिजन तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा पुलिस को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से बच्चे की तलाश और सुरक्षित दस्तयाबी में पुलिस को महत्वपूर्ण मदद मिलती है।











