
सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में राहतगढ़–खुरई–खिमलासा मार्ग के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुरई में आयोजित आमसभा के दौरान इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी।
मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) के माध्यम से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने कुल 12 महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण के लिए करीब 4,600 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने 10 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे मांगपत्र में राहतगढ़–खुरई–खिमलासा मार्ग की स्थिति का उल्लेख करते हुए इसे एमपीआरडीसी के माध्यम से फोरलेन मार्ग के रूप में स्वीकृत करने की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि पूर्व में एमपीआरडीसी द्वारा निर्मित यह मार्ग वर्तमान में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।
खुरई से एनएच-44 तक बेहतर कनेक्टिविटी
राहतगढ़–खुरई–खिमलासा मार्ग के आधुनिक और उच्चस्तरीय बनने से खुरई क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह मार्ग आगे मालथौन स्थित स्वर्णिम चतुर्भुज राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-44 तक शॉर्टकट फोरलेन कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मार्ग के उन्नयन से खुरई विधानसभा क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने मार्ग के आधुनिकीकरण कार्य को कैबिनेट से मिली स्वीकृति पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलेगी।











