
(संत रविदास की 650वीं जयंती पर द्वितीय चरण की चार दिवसीय यात्रा का भावपूर्ण समापन, विधायक लारिया ने कहा—रविदास जी को पढ़ना नहीं, जीवन में उतारना होगा)
नरयावली/26 अगस्त। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के द्वितीय चरण में नरयावली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चार दिवसीय कलश वंदन यात्रा का चौथे दिन भावपूर्ण समापन हुआ। ग्राम जिंदा से संतों के सम्मान के साथ प्रारंभ हुई यात्रा जैसे-जैसे विभिन्न ग्रामों में पहुंची, श्रद्धा, आत्मीयता और सामाजिक समरसता के रंग में रंगती गई।
यात्रा बाछलोन, भोजपुरा, मसवासी, बहेरिया साहनी, सेवारा सेवारी, मोठी, देवरी, खजुरिया, सेमरा हाट, बरखेड़ा खुमान, कुड़ारी होते हुए भैंसा पहाड़ी पहुंची, जहां मंदिर परिसर में कार्यक्रम के साथ यात्रा का समापन हुआ। मार्ग में कहीं मंदिरों में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम हुए तो कहीं ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत कर कलश वंदन किया।
इस अवसर पर नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कहा कि संत रविदास महाराज की शिक्षाएं किसी एक समाज तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रकाश-पुंज हैं। उन्होंने भक्ति को केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि प्रेम, श्रम, सेवा, समानता और मानवता से जोड़कर जीवन जीने का मार्ग बनाया।
विधायक लारिया ने कहा कि संत रविदास जी की सबसे बड़ी शिक्षा यही है कि मनुष्य की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, आचरण और मानवता से होनी चाहिए। जिस हृदय में दूसरे मनुष्य के लिए करुणा और सम्मान है, वहीं सच्चे अर्थों में रविदास जी की चेतना है।
उन्होंने कहा, “रविदास जी को केवल पढ़ना नहीं, अपने जीवन में उतारना होगा। कलश यात्रा तभी सार्थक होगी, जब इसके बाद हमारे व्यवहार में समरसता, विचारों में समानता और कर्मों में मानवता दिखाई दे।”
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का दर्शन सरल होते हुए भी हिमालय जैसी गहराई रखता है। उन्होंने समाज को मनुष्य-मनुष्य के बीच भेद मिटाने और श्रम को सम्मान देने की दृष्टि दी। आज भी उनकी वाणी समाज को भीतर से जोड़ने की शक्ति रखती है।
नरयावली विधानसभा क्षेत्र में चार दिनों तक चली यात्रा का प्रत्येक दिवस उत्सव, श्रद्धा और सामाजिक आत्मीयता से परिपूर्ण रहा। यात्रा का समापन भले ही हो गया, लेकिन समरसता का संकल्प अब गांव-गांव और मन-मन की यात्रा बनना है।
इस अवसर पर जिला महामंत्री चैन सिंह, संयोजक चेतराम अहिरवार, ऑफिसर यादव, मंडल अध्यक्ष सोहन लोधी, अरविंद घोसी, गंगाराम ठेकेदार, डॉ. परशुराम, नरेन्द्र रोहित, बलवंत ठाकुर, बाबूलाल रोहित, रतिराम ठेकेदार, राघवेंद्र राजपूत, बलराम साहू, हरिओम सिंह, राम सिंह यादव, राजकिशोर उदैनिया, जीवन यादव, धर्मेंद्र सोनी, सुजान सिंह, प्रकाश अहिरवार, निजाम यादव, विक्रम सिंह, राकेश पटेल, गोविंद पटेल, महेंद्र, राम जी राजपूत, कुंवर सिंह, कोमल पटेल, जय हिंद सिंह, विनोद विश्वकर्मा, मुरारी यादव, प्रहलाद रजक, रमेश पटेल, प्रसादी अहिरवार, नोनेलाल रजक, महेंद्र ठाकुर, पिंटू दाऊ, कनई यादव, राहुल सिंह, केसरी सिंह, चंद्रप्रकाश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।











