
सागर, 29 अगस्त 2026। सागर पुलिस की तत्परता और लगातार किए गए प्रयासों से थाना बांदरी क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे उपजेल खुरई भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 फरवरी 2026 को फरियादी ने थाना बांदरी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत पर थाना बांदरी में अपराध क्रमांक 40/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
इंदौर तक पहुंची पुलिस टीम
नाबालिग की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी खुरई प्रवीण कुमार अष्ठाना के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर लगातार सुराग जुटाए। आरोपी और बालिका के संभावित ठिकाने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम इंदौर पहुंची। पुलिस की तलाश की भनक लगने पर आरोपी बालिका को लेकर वहां से निकल गया और लगातार अपना स्थान बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास करता रहा।
सागर में सुरक्षित मिली नाबालिग
आरोपी के लगातार स्थान बदलने के बावजूद पुलिस टीम ने तलाश जारी रखी। तकनीकी सहायता और प्राप्त सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को नाबालिग बालिका को सागर से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।
बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई तथा उसके परिजनों को सूचना दी गई।
आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
विवेचना के दौरान आरोपी अरुण पिता गोविंद पटैल, उम्र 22 वर्ष, निवासी खुशी मोहल्ला, मालथौन, जिला सागर के संबंध में जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार विवेचना में नाबालिग को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने तथा उसके साथ गलत कृत्य किए जाने की जानकारी सामने आने पर प्रकरण में सुसंगत धाराएं बढ़ाई गईं। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे उपजेल खुरई भेज दिया गया।
नाबालिग की पहचान रखी गई गोपनीय
नाबालिग बालिका की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा उसका नाम, पता, फोटो अथवा पहचान से संबंधित कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस टीम का रहा विशेष योगदान
बालिका की सुरक्षित दस्तयाबी और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बांदरी उप निरीक्षक सतेन्द्र गुर्जर, चौकी प्रभारी रजवांस उप निरीक्षक विजय पटैल, आरक्षक जयराम यादव, आरक्षक 996 राजेश यादव एवं महिला आरक्षक 1840 राखी प्रजापति का विशेष योगदान रहा।
सागर पुलिस का कहना है कि गुमशुदा अथवा अपहृत नाबालिगों की सुरक्षित दस्तयाबी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा तकनीकी और मैदानी स्तर पर तत्काल कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।











