ड्रोन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पाँच दिवसीय कार्यशालाओं में 99 विद्यार्थी हो रहे लाभान्वित
सागर 14 अक्टूबर 2026
सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, सागर में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने और उन्हें भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से शासन के सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत तकनीकी प्रशिक्षण की विशेष पहल की गई है। इसके तहत प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्था क्रिस्प (CRISP), भोपाल के सहयोग से ड्रोन टेक्नोलॉजी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग (AI-ML) विषयों पर लगातार दो पाँच दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कुल 99 छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हो रहे हैं।
महाविद्यालय में 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित पाँच दिवसीय ड्रोन टेक्नोलॉजी कार्यशाला में 47 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षक डॉ. रोहित गुप्ता ने विद्यार्थियों को ड्रोन की संरचना, विभिन्न उपकरणों, कार्यप्रणाली, उड़ान नियंत्रण तथा इसके तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी अब केवल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, भूमि सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा, निगरानी, लॉजिस्टिक्स तथा आधारभूत संरचना के निरीक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
कार्यशाला की विशेषता इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। विद्यार्थियों ने ड्रोन के विभिन्न भागों और उनके कार्यों को समझने के साथ स्वयं ड्रोन संचालन का अभ्यास किया। प्रशिक्षक ने ड्रोन उड़ाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, सुरक्षा उपायों तथा संचालन से संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी भी दी। विद्यार्थियों ने ड्रोन को नियंत्रित करने और उसकी कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने में विशेष रुचि दिखाई। इस प्रशिक्षण से उन्हें आधुनिक ड्रोन तकनीक के वास्तविक उपयोग और उससे जुड़े रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों को समझने का अवसर मिला।
ड्रोन टेक्नोलॉजी कार्यशाला के सफल आयोजन के बाद महाविद्यालय में 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग (ML) विषय पर दूसरी पाँच दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें 52 छात्र-छात्राएँ भाग ले रहे हैं। क्रिस्प, भोपाल के विशेषज्ञ प्रशिक्षक डॉ. प्रशांत शर्मा द्वारा विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की बुनियादी अवधारणाओं, डेटा विश्लेषण, मॉडल निर्माण तथा विभिन्न उद्योगों में इनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को समझाया जा रहा है कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से कंप्यूटर और मशीनों को डेटा के आधार पर विश्लेषण करने, पैटर्न पहचानने तथा निर्णय लेने में सहायता करने योग्य बनाया जाता है। वहीं मशीन लर्निंग के माध्यम से कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध डेटा से सीखकर अपनी कार्यक्षमता में सुधार कर सकते हैं। विशेषज्ञ द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, बैंकिंग, शिक्षा, विनिर्माण, स्वचालन तथा अन्य क्षेत्रों में इन तकनीकों की बढ़ती उपयोगिता को सरल उदाहरणों से समझाया जा रहा है।
दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार तथा कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग शाखाओं के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों के वास्तविक औद्योगिक उपयोग को समझने का अवसर मिल रहा है।
तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें बदलती तकनीकों, औद्योगिक आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना भी है। आज तकनीकी क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकें रोजगार और उद्योगों की कार्यप्रणाली को नई दिशा दे रही हैं।
आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें नई तकनीकों को समझने, उनका व्यावहारिक उपयोग करने तथा समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, विनिर्माण, शिक्षा और सेवा क्षेत्र सहित लगभग प्रत्येक क्षेत्र में इन तकनीकों का महत्व बढ़ रहा है। ऐसे में पॉलीटेक्निक विद्यार्थियों के लिए इनका प्रशिक्षण विशेष रूप से उपयोगी है।
कार्यक्रम समन्वयक श्री एस. पी. बिजौरिया ने बताया कि इन कार्यशालाओं का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। तकनीकी शिक्षा में सैद्धांतिक अध्ययन के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। जब विद्यार्थी स्वयं उपकरणों का संचालन करते हैं और तकनीकी प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझते हैं, तो उनकी विषय संबंधी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।
उन्होंने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी तथा AI-ML जैसे विषय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार की दृष्टि से उपयोगी हैं। क्रिस्प, भोपाल के सहयोग से आयोजित इन कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने तथा अपनी तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला है। भविष्य में भी विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यशालाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीकों को सीखने और उनका व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर को उपयोगी बताया। विशेष रूप से ड्रोन संचालन का प्रत्यक्ष अभ्यास तथा AI-ML की अवधारणाओं को वास्तविक उदाहरणों से समझना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें अपने अध्ययन के साथ नई तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं को समझने में सहायता मिलती है।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए क्रिस्प, भोपाल के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों तथा महाविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, सागर द्वारा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, कौशल उन्नयन, नवाचार, तकनीकी दक्षता और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी और AI-ML की ये कार्यशालाएँ इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनसे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर मिल रहा है।







