काकागंज की वर्धमान कॉलोनी में चल रहा था कारोबार, 12 मोबाइल फोन और 8 बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त; 60 से 70 लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मिला, मुख्य आरोपी करण चौरसिया फरार
सागर। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का मोतीनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने काकागंज की वर्धमान कॉलोनी में संचालित गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी करण चौरसिया अभी फरार है। पुलिस ने मौके से 12 मोबाइल फोन, 8 बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड और लेनदेन के दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 60 से 70 लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड सामने आया है।
मुखबिर की सूचना पर वर्धमान कॉलोनी में दबिश
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने गुरुवार दोपहर 2 बजे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि काकागंज की वर्धमान कॉलोनी स्थित एक मकान में बिना सेबी की आवश्यक अनुमति के शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से कथित रूप से धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संबंधित मकान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सौरभ रैकवार, अनिल नामदेव और दीपक राजपूत, तीनों निवासी सागर को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी के कहने पर संचालित हो रही थी गतिविधियां
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे करण चौरसिया के कहने पर यह काम कर रहे थे। जिस मकान में कथित तौर पर यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, वह भी करण चौरसिया का बताया गया है।
पुलिस ने मौके से 12 मोबाइल फोन सहित बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों में करीब 60 से 70 लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है।
बैंक खातों और मोबाइल फोन की जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित रूप से सेबी की आवश्यक अनुमति के बिना शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, बैंक खातों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि लेनदेन के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
फरार करण चौरसिया की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी करण चौरसिया की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित गतिविधियों में कितने लोग शामिल थे, कितने निवेशकों से रकम ली गई और किन-किन लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
शेयर मार्केट में अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने के मामलों के बीच सागर में सामने आई यह कार्रवाई निवेशकों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को निवेश के नाम पर रकम सौंपने से पहले उसकी वैधता और सेबी में पंजीकरण की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।
लोकेशन – सागर।







