किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं को लेकर पांच वर्षों से सड़क से अधिकारियों के कार्यालयों तक संघर्षरत, हर वर्ग के सुख-दुख में हो रहे शामिल
देवरी। मध्यप्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा में कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री हर्ष यादव इन दिनों लगातार जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने जनता के बीच अपनी सक्रियता कम नहीं की, बल्कि पिछले पांच वर्षों से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं।
चाहे किसानों की खाद की समस्या हो, बिजली कटौती का मामला हो, सिंचाई और ग्रामीण विकास का मुद्दा हो या फिर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने की बात हो, हर्ष यादव लगातार इन मुद्दों को उठाते रहे हैं। वे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हैं और प्रशासन एवं सरकार के सामने जनता की आवाज बुलंद करते हैं।
राजनीतिक गलियारों में इन दिनों इस बात की चर्चा भी तेज है कि देवरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री हर्ष यादव विपक्ष में रहते हुए भी जनसमस्याओं को लेकर काफी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के कई मुद्दों पर उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, आम जनता के बीच पहुंचकर लोगों के सुख-दुख में शामिल होना और सहजता से संवाद करना उनकी राजनीतिक कार्यशैली का हिस्सा बना हुआ है।
पुराने कार्यकाल को याद कर रहे क्षेत्रवासी
देवरी विधानसभा क्षेत्र में हर्ष यादव के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी लोगों के बीच चर्चाएं होती रहती हैं। उनके समर्थक और पुराने कार्यकाल को देखने वाले लोग प्रशासनिक कार्यप्रणाली, विकास कार्यों और जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी कार्यशैली को याद करते हैं। उनका कहना है कि उस समय नगर पालिका, जनपद पंचायत, कृषि उपज मंडी, बिजली विभाग और पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों में आम जनता के कामों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जाता था।
ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों में विधायक निधि से विकास कार्यों को बढ़ावा देने, अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम कराने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर भी उनके कार्यकाल की चर्चा की जाती है।
वर्तमान व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
दूसरी ओर, वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में देवरी विधानसभा की नगर पालिका और जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि जब सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि इन संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, तो इसके बावजूद विकास कार्यों और आम जनता की समस्याओं के निराकरण में अपेक्षित तेजी क्यों नहीं दिखाई दे रही है?
लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर नगर पालिका और जनपद पंचायत में विकास कार्यों को गति देने में क्या बाधाएं आ रही हैं? क्या जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी है या फिर निर्णय लेने में कोई अन्य समस्या सामने आ रही है? इन सवालों पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी जरूरी है।
देवरी में फिर चर्चा का विषय बन रहे हर्ष यादव
राजनीति में चुनावी हार और जीत अपनी जगह है, लेकिन जनता के बीच लगातार मौजूद रहना किसी भी जनप्रतिनिधि की राजनीतिक पहचान को मजबूत करता है। हर्ष यादव की लगातार क्षेत्रीय सक्रियता, जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष और आम लोगों से सीधा जुड़ाव देवरी विधानसभा की राजनीति में एक बार फिर चर्चा का विषय बन रहा है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में उनकी यह जनसक्रियता किस रूप में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करती है। फिलहाल देवरी विधानसभा में एक सवाल जरूर गूंज रहा है—क्या जनता के बीच लगातार संघर्ष करने की राजनीति एक बार फिर हर्ष यादव के पक्ष में माहौल तैयार कर रही है?







