कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एसडीएम को बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा के दिए निर्देश, खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की अपील
सागर। मानसून की विदाई के बाद फसल कटाई के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए सागर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को संबंधित अधिकारियों एवं क्षेत्र के लोगों के साथ बैठक कर सर्पदंश की रोकथाम और त्वरित उपचार की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसूनोत्तर अवधि में भी जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में एंटीवेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रहे, ताकि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तत्काल उपचार मिल सके।
पीएचसी से लेकर बीएमसी तक उपलब्ध है एंटीवेनम
जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), सिविल अस्पताल, जिला चिकित्सालय तथा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटीवेनम उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग को इसके स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम करेंगे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुविभाग में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में एंटीवेनम के वर्तमान स्टॉक, अतिरिक्त आवश्यकता, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और सर्पदंश के मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी निर्देशित किया गया है कि जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम उपलब्ध रहे और स्टॉक की नियमित निगरानी की जाए। स्वास्थ्य अमले को सर्पदंश के मामलों में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
खेतों में काम करते समय बरतें विशेष सावधानी
कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि फसल कटाई, खेतों की सफाई, झाड़ियों तथा सूखे पत्तों को हटाते समय विशेष सावधानी बरतें। रात में खेत या खुले स्थान पर जाते समय पर्याप्त रोशनी का उपयोग करें और हाथ-पैर डालने से पहले आसपास की जगह को अच्छी तरह जांच लें।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या देसी उपचार में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। समय पर अस्पताल पहुंचकर उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।







