सागर। शहर की विकास परियोजनाओं को बेहतर स्वरूप देने और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर दिलीप कुमार यादव मंगलवार सुबह नगर निगम की टीम के साथ शहर के निरीक्षण पर निकले। इस दौरान उन्होंने तिली चौराहा स्थित निर्माणाधीन ऑडिटोरियम, कनेरादेव आवासीय कॉलोनी, शहर के प्रमुख चौराहों, वीरांगना झलकारी बाई पार्क एवं छोटी झील किनारे नवनिर्मित घाट का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त राजकुमार खत्री भी मौजूद रहे।
ऑडिटोरियम में बेहतर सुविधाओं और यातायात प्रबंधन पर जोर
कलेक्टर ने तिली चौराहा स्थित निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का निरीक्षण कर भवन की ड्राइंग-डिजाइन और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ऑडिटोरियम की कुल बैठक क्षमता, कमरों, हॉल, टॉयलेट, पेयजल और पार्किंग सहित विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ऑडिटोरियम में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएं। भवन का निर्माण इस तरह किया जाए कि भविष्य में उसका रखरखाव आसान रहे। पक्षियों से होने वाली गंदगी रोकने के लिए खुले हिस्सों और खिड़कियों को ग्लास एवं जालियों से व्यवस्थित रूप से सुरक्षित किया जाए। साथ ही परिसर में लगे पेड़-पौधों को सुरक्षित रखते हुए निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश
कलेक्टर ने तिली चौराहा, राजघाट तिराहा सहित शहर के प्रमुख चौराहों का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए यातायात विशेषज्ञों से ट्रैफिक फ्लो का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार रोटरी विकसित कर चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाए तथा सभी प्रमुख मार्गों पर लेफ्ट टर्न की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, जिससे नागरिकों को जाम और अव्यवस्थित यातायात से राहत मिल सके।
कनेरादेव कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
कनेरादेव आवासीय कॉलोनी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्मित ब्लॉकों, आवंटित आवासों और निर्माणाधीन भवनों की जानकारी ली। उन्होंने बिजली व्यवस्था के लिए स्थापित डीपी, सड़कों और पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई पानी की टंकी का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगें भी सुनीं।
कलेक्टर ने इंजीनियरों को निर्देश दिए कि कॉलोनी में बिजली, सड़क, पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कॉलोनी के निवासियों की सोसाइटी गठित करने और उसके माध्यम से कॉलोनी की देखरेख एवं नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पार्कों के रखरखाव और ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर
कलेक्टर ने वीरांगना झलकारी बाई पार्क एवं कला मंच का निरीक्षण करते हुए पार्कों की नियमित साफ-सफाई, घास की कटाई और पेड़ों की छंटाई समय पर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित और हरियाली से भरपूर पार्क नागरिकों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराते हैं। ऐसे स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ती है और उन्हें स्वस्थ वातावरण का लाभ मिलता है।
उन्होंने पार्कों में स्थापित प्रतिमाओं के इतिहास से भी नागरिकों और यहां आने वाले लोगों को परिचित कराने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदर्शित करने की व्यवस्था करने को कहा।
छोटी झील घाट पर देखीं कबाड़ से बनी आकर्षक कलाकृतियां
निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर ने छोटी झील किनारे नवनिर्मित घाट का जायजा लिया। यहां उन्होंने कबाड़ से उपयोगी और आकर्षक कलाकृतियां तैयार करने की पहल के तहत बनाई गई गदा के आकार की कलाकृति सहित अन्य रचनाओं को देखा और उनकी जानकारी ली।
उन्होंने सागर में 3आर सेंटर की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। 3आर यानी रिसाइकल, रियूज और रिड्यूस की अवधारणा को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
कलेक्टर के इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर के विकास कार्यों की गुणवत्ता, नागरिक सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाना रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित करें।








