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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-26/03/2026 ,गुरुवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष,
चैत्र
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———– अष्टमी 11:48:18 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र———– आर्द्रा 16:18:09
योग———— शोभन 24:30:35
करण————– बव 11:48:18
करण———- बालव 22:54:46
वार———————— गुरूवार
माह————————– चैत्र
चन्द्र राशि—————- मिथुन
सूर्य राशि——————- मीन
रितु————————– वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)——————- रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1948
कलि संवत—————– 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:17:53
सूर्यास्त———‐—– 18:32:12
दिन काल————- 12:14:18
रात्री काल————- 11:44:33
चंद्रोदय————— 11:54:12
चंद्रास्त—————- 26:30:11
लग्न—- मीन 11°9′ , 341°9′
सूर्य नक्षत्र———— उत्तराभाद्रपद
चन्द्र नक्षत्र——————- आर्द्रा
नक्षत्र पाया——————- रजत
🚩💮🚩 पद, चरण🚩💮🚩
ङ—- आर्द्रा 10:35:00
छ—- आर्द्रा 16:18:09
के—- पुनर्वसु 22:02:31
को—- पुनर्वसु 27:48:08
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मीन 11°12 , उoफाo 3 झ
चन्द्र= मिथुन 14°30 , आर्द्रा 3 ङ
बुध = कुम्भ 15°52 ‘ शतभिषा 3 सी
शु क्र= मीन 28°05, अश्विनी 1 चु
मंगल= कुम्भ 24°03 पूo भाo 2 सो
गुरु= मिथुन 21°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 10°13 ‘ उoभा o , 3 झ
राहू=(व) कुम्भ 13°34 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 13°34 पूoफाo 1 मो
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 07:52 – 09:24 अशुभ
यम घंटा 10:55 – 12:26 अशुभ
गुली काल 13:57 – 15:28 अशुभ
अभिजित 12:02 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 12:50 – 13:39 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:16 – 16:05 अशुभ
वर्ज्यम 09:45 – 11:13 अशुभ
प्रदोष 18:31 20:54. शुभ
💮चोघडिया, दिन
शुभ 06:18 – 07:50 शुभ
रोग 07:50 – 09:21 अशुभ
उद्वेग 09:21 – 10:53 अशुभ
चर 10:53 12:25 शुभ
लाभ 12:25 – 13:57 शुभ
अमृत 13:57 – 15:29 शुभ
काल 15:29 17:00 अशुभ
शुभ 17:00 – 18:32 शुभ
🚩चोघडिया, रात
अमृत 18:32 – 20:00 शुभ
चर 20:00 – 21:28 शुभ
रोग 21:28 – 22:56 अशुभ
काल 22:56 24:24* अशुभ
लाभ 24:24* – 25:53* शुभ
उद्वेग 25:53* – 27:21* अशुभ
शुभ 27:21* – 28:49* शुभ
अमृत 28:49* – 30:17* शुभ
💮होरा, दिन
बृहस्पति 06:18 -07:19
मंगल 07:19 -08:20
सूर्य 08:20 -09:21
शुक्र 09:21 -10:23
बुध 10:23 -11:24
चन्द्र 11:24- 12:25
शनि. 12:25 -13:26
बृहस्पति 13:26- 14:27
मंगल 14:27- 15:29
सूर्य 15:29 -16:30
शुक्र 16:30 -17:31
बुध 17:31- 18:32
🚩होरा, रात
चन्द्र 18:32 -19:31
शनि 19:31- 20:30
बृहस्पति 20:30 -21:28
मंगल 21:28 -22:27
सूर्य 22:27 -23:26
शुक्र 23:26- 24:24
बुध 24:24-25:23
चन्द्र 25:23 -26:22
शनि 26:22-27:21
बृहस्पति 27:21-28:19
मंगल 28:19-29:18
सूर्य 29:18-30:17
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
मीन > 05:56 से 07:22 तक
मेष > 07:22 से 08:58 तक
वृषभ > 08:58 से 10:58 तक
मिथुन > 10:58 से 14:22 तक
कर्क > 14:22 से 15:32 तक
सिंह > 15:32 से 18:38 तक
कन्या > 18:38 से 19:58 तक
तुला > 19:58 से 22:20 तक
वृश्चिक > 22:20 से 00:26 तक
धनु > 00:26 से 02:20 तक
मकर > 02:20 से 04:16 तक
कुम्भ > 04:16 से 05:58 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
8 + 5 + 1 = 14 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शुक्र ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*दुर्गाष्टमी
*दुर्गा नवमी पूजा
*राम नवमी
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
यदिच्छसि वशीकर्तुं जगदेकेन कर्मणा ।
पुरः पञ्चदशास्येभ्यो गां चरन्तीं निवारय ।।
।।चाoनीo।।
यदि आप दुनिया को एक काम करके जितना चाहते हो तो इन पंधरा को अपने काबू में रखो. इन्हें इधर उधर ना भागने दे.
पांच इन्द्रियों के विषय
१. जो दिखाई देता है
२. जो सुनाई देता है
३. जिसकी गंध आती है
४. जिसका स्वाद आता है.
५. जिसका स्पर्श होता है.
पांच इन्द्रिय
१. आँख
२. कान
३. नाक
४. जिव्हा
५. त्वचा
पांच कर्मेन्द्रिय
१. हाथ
२. पाँव
३. मुह
४. जननेंद्रिय
५. गुदा
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6
ज्ञानविज्ञानतृप्तात्मा कूटस्थो विजितेन्द्रियः।
युक्त इत्युच्यते योगी समलोष्टाश्मकांचनः॥
जिसका अन्तःकरण ज्ञान-विज्ञान से तृप्त है, जिसकी स्थिति विकाररहित है, जिसकी इन्द्रियाँ भलीभाँति जीती हुई हैं और जिसके लिए मिट्टी, पत्थर और सुवर्ण समान हैं, वह योगी युक्त अर्थात भगवत्प्राप्त है, ऐसे कहा जाता है
॥8॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। संतान संबंधी चिंता कम होगी। स्वाभाविक सोच में बदलाव आएगा। रुका पैसा प्रयास करने पर प्राप्त होने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।
🐂वृष
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। प्रमाद न करें। आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। अपनी योजनाओं में परिवर्तन करना होगा। प्रतिस्पर्धा, शत्रुता से परेशानी संभव है। अनसोचे कामों में हाथ नहीं डालें।
👫मिथुन
मेहमानों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धनार्जन होगा। नियमित कर्ज, लेनदेन में कटौती करना होगी। योजनाओं पर चर्चा, कार्य के प्रति लगन रह पाएगी। नौकरी, राज्यपक्ष में स्थायित्व की बात आएगी।
🦀कर्क
यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम न लें। बड़े व्यक्तियों से भेंट का लाभ मिलेगा। कानूनी कार्यों में समय सीमा का ध्यान रखें। व्यवहारकुशलता का लाभ मिलेगा। व्यावसायिक श्रेष्ठता रहेगी।
🐅सिंह
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शुभ समय। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। पैतृक संपत्ति के क्षेत्रों में उन्नति होगी। नौकरी में संयत व्यवहार आवश्यक है।
🙍♀️कन्या
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन भोजन का आनंद मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। मनोविनोद के अवसर मिलेंगे। भाई-बहनों से संबंध प्रगाढ़ होंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। रचनात्मक काम होंगे।
⚖️तुला
व्यर्थ दौड़धूप रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बुरी खबर मिल सकती है। चिंता रहेगी। मानसिक शांति रहेगी। व्यापारिक विवादों का आसान हल निकाल सकेंगे। वाणी पर संयम रखना चाहिए। अधीनस्थों से मदद मिलेगी।
🦂वृश्चिक
आकस्मिक खर्च अधिक होगा। तनाव रहेगा। थकान रहेगी। जोखिम न लें। धैर्य रखें। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। संघर्ष, भागदौड़ के बाद रोजगार में इच्छित सफलता मिलने के योग हैं। परिवार, समाज में आपके कार्यों को महत्व दिया जाएगा।
🏹धनु
योजना फलीभूत होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रमाद न करें। संतान, भाइयों से लाभ होगा। घरेलू उपयोग की वस्तुएँ क्रय करेंगे। सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएँगे। व्यापारिक योजनाओं को गोपनीय बनाकर रखें।
🐊मकर
राजकीय मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रेम प्रस्ताव मिल सकता है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। सामान्य प्रतिष्ठा, सम्मान से उत्साहित रहेंगे। खर्चों में कमी का प्रयास करना होगा। व्यापार-व्यवसाय में विवेक से निर्णय लेने पर आशानुकूल लाभ के योग हैं।
🍯कुंभ
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। जोखिम न लें। जल्दबाजी न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। उच्चाधिकारियों से सम्मान एवं महत्व प्राप्त हो सकेगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। पूँजी निवेश लाभदायी रहेगा।
🐟मीन
चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से बचें। थकान रहेगी। परिवार में आर्थिक समस्या को लेकर विचार-विमर्श होगा। दूसरों से अपमानजनक व्यवहार न करें। कार्यक्षेत्र में इच्छित सफलता व संतोष रहेगा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599










