हरतालिका तीज व्रत: विवाह में बाधा दूर करने और दांपत्य सुख के लिए ये उपाय


सागर। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण हरतालिका तीज को वैवाहिक सुख, दांपत्य जीवन और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति से जोड़कर देखा जाता है।
धार्मिक ग्रंथ धर्मसिंधु में हरतालिका व्रत के लिए भाद्रपद शुक्ल तृतीया के ग्रहण का विधान बताया गया है। इसमें शिव-पार्वती का पूजन और उपवास प्रमुख माना गया है।
पूजन के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित मंत्रों का जाप किया जाता है। इनमें—
“मन्दारमालाकुलितालकायै कपालमालाङ्कितशेखराय।
दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नमः शिवाय च नमः शिवाय॥”
जैसे मंत्रों का उल्लेख मिलता है।
विवाह में बाधा दूर करने के पारंपरिक उपाय
कर्मकांड एवं ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. अनिल दुबे वैदिक के अनुसार, यदि विवाह तय होने में बार-बार परेशानी आ रही हो या रिश्ते टूट रहे हों, तो हरतालिका तीज के दिन मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उस पर 21 बेलपत्र अर्पित करने की धार्मिक मान्यता है। इसके बाद शिवलिंग की 11 या 21 बार परिक्रमा करने और पूजा के बाद शिवलिंग को बेल के पेड़ के नीचे रखने की परंपरा बताई गई है।
विवाह की मनोकामना के लिए देवी कात्यायनी के मंत्र का जाप भी किया जा सकता है—
“कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥”
विवाह में लगातार बाधा बनी रहने पर किसी कन्या को वस्त्र और मिठाई भेंट करना भी शुभ माना जाता है। वहीं विवाह में देरी हो रही कन्याएं माता पार्वती को हल्दी की 11 गांठ अर्पित कर मनोकामना की प्रार्थना कर सकती हैं।
पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाने के उपाय
मान्यता है कि यदि पति-पत्नी के बीच लगातार मतभेद या मनमुटाव बना रहता है, तो हरतालिका तीज की शाम दोनों साथ मिलकर शिव-पार्वती मंदिर में घी के 11 दीपक जला सकते हैं।
इसी प्रकार दूध में हल्दी या केसर मिलाकर शिव-पार्वती का अभिषेक करने की भी धार्मिक परंपरा बताई गई है। वैवाहिक सुख की कामना से खीर बनाकर भगवान को भोग लगाने और अगले दिन पति-पत्नी द्वारा प्रसाद ग्रहण करने की मान्यता है।
पत्नी द्वारा पान का बीड़ा बनाकर भगवान शिव को अर्पित करने और बाद में पति को देने की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है।
यदि पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ रही हो, तो सुहागिन महिलाएं माता पार्वती को चुनरी, नथ, बिछिया और पायल जैसी सुहाग सामग्री अर्पित कर सकती हैं। तीज के दिन पति के हाथों से सिंदूर लगवाना और सुहाग की वस्तुएं धारण करना भी शुभ माना जाता है।
गणेश पूजन से सुख-शांति की कामना
दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और शांति बनाए रखने के लिए हरतालिका तीज पर गणेश मंदिर में सूखे मालपुए चढ़ाने की भी धार्मिक मान्यता बताई गई है। भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पूरे परिवार की श्रद्धापूर्वक पूजा कर परिवार में सुख, शांति और सौहार्द की कामना की जाती है।
हरतालिका तीज के ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक आस्थाओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है।
कर्मकांड एवं ज्योतिष विशेषज्ञ
डॉ. अनिल दुबे वैदिक
देवरी-बिछुआ
मोबाइल: 9936443138

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