पारस्परिक धार्मिक सद्भाव और आस्थाओं के प्रणय के जीवंत दर्शन कल उस समय देखने मिले जब अयोध्या से आये पूजित अक्षत कलश और गुरु ग्रंथ साहिब के एक साथ दर्शन एक सिंहासन पर देखने को मिले तो उपस्थित सभी मतावलंबियों के श्री मुख से एक साथ उद्घोष हुआ – “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह – जय जय श्री राम”।

पारस्परिक धार्मिक सद्भाव और आस्थाओं के प्रणय के जीवंत दर्शन कल उस समय देखने मिले जब अयोध्या से आये पूजित अक्षत कलश और गुरु ग्रंथ साहिब के एक साथ दर्शन एक सिंहासन पर देखने को मिले तो उपस्थित सभी मतावलंबियों के श्री मुख से एक साथ उद्घोष हुआ – “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह – जय जय श्री राम”।
अयोध्या की अक्षत कलश को लेकर जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय विभाग संघचालक डॉक्टर गौरी शंकर चौबे गुरुद्वारा पहुंचे तो द्वार पर ही गुरु सिंह सभा के सचिव श्री सर्वजीत सिंह सूरी जी और नरेंद्र अजमानी ने अक्षत कलश लेकर पूरी आस्था और सम्मान के साथ मंगल कलश को गुरु ग्रंथ साहब के नजदीक में स्थान दिया और उसके बाद सिख संगत में प्रभु राम के भजन गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।
एक दूसरे के धर्म के प्रति आदर और सद्भाव का यह दृश्य मेरे हृदय पटल पर सारे जीवन अंकित रहेगा।
भारत माता की जय। ????
\ गीत – अक्षत कलश आमंत्रण //
श्रीराम अक्षत कलश यात्रा,द्वार आपके आयी है
यह सौभाग्य हुआ है निर्मित, द्वारे बजी बधाई है।

आमंत्रण है आप सभी को,प्रभु मंदिर में विराजेंगे
रमतुला संग बजे बधाई, पुरोहित पूजन गायेगे
श्रेष्ठ सनातन संस्कृति उत्सव, हुई पूर्ण तैयारी है।

आमंत्रण सौभाग्य कलश का,हम द्वारे लेके आये
आप हमारे संग हो जावे, मंगल गीत खिले गाये
नाचे – गाये दीप जलाये , सरयू तट फुलवारी है।

जनसेवक जो रामराज्य की एक कल्पना रखते हैं
उस क्रम को आगे बढते हैं सभी के जो संरक्षक है
ऐसे प्रिय अनुशासन क्रम में, रामचंद्र जयकारे हैं।

श्रीराम अक्षत कलश यात्रा,द्वार आपके आयी है
यह सौभाग्य हुआ है निर्मित, द्वारे बजी बधाई है।
डाॅ.नलिन निर्मल सागर
मोबाइल नंबर 9993182529

Leave a Comment

Read More