
पुलिस और डायल-112 की संवेदनशीलता से 6 वर्षीय मासूम सुरक्षित परिजनों से मिला
सागर। जिले में बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देशों के बीच थाना राहतगढ़ पुलिस और डायल-112 टीम ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रास्ता भटके एक 6 वर्षीय मासूम को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया। इस सराहनीय कार्य के बाद परिजनों ने राहतगढ़ पुलिस और डायल-112 टीम का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 की शाम करीब 7:10 बजे डायल-112 को सूचना मिली कि थाना राहतगढ़ क्षेत्र के ग्राम बरवटू के पास एक छोटा बच्चा अकेला और घबराई हुई हालत में घूम रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 कंट्रोल रूम सागर ने तत्काल राहतगढ़ एफआरवी टीम को मौके पर रवाना किया।
पुलिस जांच में पता चला कि 6 वर्षीय बालक अपनी नानी के यहां विदिशा जिले के एक गांव में आया हुआ था। खेलते-खेलते वह करीब 4 किलोमीटर दूर ग्राम बरवटू तक पहुंच गया और रास्ता भटक जाने के कारण बेहद घबराया हुआ था। डर की वजह से वह अपना नाम-पता और परिजनों की जानकारी भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था।
एक जागरूक नागरिक की सूचना पर मौके पर पहुंची डायल-112 टीम ने बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाना राहतगढ़ पहुंचाया। थाना प्रभारी मुकेश सिंह और थाना स्टाफ ने बच्चे से लगातार पूछताछ कर परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी घबराहट के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बच्चे का फोटो पुलिस कंट्रोल रूम और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में साझा कराया। रात्रि होने के कारण बच्चे को थाना राहतगढ़ में सुरक्षित देखरेख में रखा गया तथा उसके भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी पुलिस द्वारा सुनिश्चित की गईं।
अगले दिन सूचना मिली कि बालक थाना जैसीनगर क्षेत्र का निवासी है और अपनी नानी के यहां आया हुआ था। सूचना मिलते ही परिजन थाना राहतगढ़ पहुंचे, जहां आवश्यक पुष्टि के बाद मासूम को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही अहम भूमिका
थाना प्रभारी मुकेश सिंह
उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, पुलिस कंट्रोल रूम सागर
प्रधान आरक्षक हरि सिंह
आरक्षक देवेश
एफआरवी-32 के एएसआई हरिनारायण
आरक्षक वैभव
एफआरवी-32 के पायलट असीम एवं ऋषव
सागर पुलिस ने कहा कि आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस सदैव प्रतिबद्ध है।











